धनतेरस और नरक चतुर्दशी : दीपावली की पावन शुरुआत,धनत्रयोदशी का अर्थ क्या है ,धनतेरस की पौराणिक कथाएँ,लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व,यम दीपम का महत्व,सांस्कृतिक अर्थ
• धनतेरस और नरक चतुर्दशी : दीपावली की पावन शुरुआत 🌟 भारत में दीपावली का पर्व पाँच दिनों तक बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस पर्व की शुरुआत जिस दिन से होती है, उसे धनतेरस कहा जाता है और उसके अगले दिन नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। ये दोनों दिन न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण हैं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी इनका अपना विशेष महत्व है। धनतेरस समृद्धि और आरोग्य का प्रतीक है, वहीं नरक चतुर्दशी बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक मानी जाती है। • धनत्रयोदशी का अर्थ क्या है धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है क्योंकि यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तेरहवीं तिथि को मनाया जाता है। “ धन ” शब्द का अर्थ है संपत्ति और “ तेरस ” का अर्थ है तेरहवाँ दिन। इस दिन को शुभ माना जाता है और इसी कारण लोग सोना, चाँदी, बर्तन या अन्य मूल्यवान वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। माना जाता है कि धनतेरस के दिन खरीदी गई कोई भी वस्तु पूरे वर्ष घर में शुभता और समृद्धि लाती है। व्यापारिक दृष्टि से भी यह दिन नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के रूप में देखा जाता है। • धनतेरस की पौराणिक कथाएँ ...