नवरात्रि का अर्थ और इसका महत्व,नवरात्रि की कथा (पौराणिक कहानी), महिषासुर वध की कथा ,राम और रावण की कथा,नवदुर्गा के नौ रूप,नवरात्रि का धार्मिक और सामाजिक स्वरूप , भारत के विभिन्न राज्यों में नवरात्रि का उत्सव
🌺 नवदुर्गा के नौ रूप 🌺 • नवरात्रि का अर्थ और इसका महत्व : नवरात्रि का शाब्दिक अर्थ होता है – " नौ रातें "। यह एक ऐसा पर्व है जो माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। यह वर्ष में दो बार मनाया जाता है – एक " चैत्र नवरात्रि" (मार्च-अप्रैल) और दूसरी "शारदीय नवरात्रि" (सितंबर-अक्टूबर)। शारदीय नवरात्रि सबसे अधिक प्रसिद्ध और व्यापक रूप से मनाई जाती है। यह पर्व "अश्विन माह" के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर नवमी तक मनाया जाता है, और दसवें दिन को "विजयादशमी" या "दशहरा" कहते हैं। नवरात्रि के नौ दिन देवी के नौ रूपों की आराधना करते हैं और यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। • नवरात्रि की कथा (पौराणिक कहानी) : नवरात्रि से जुड़ी कई कथाएँ हैं, लेकिन मुख्य रूप से दो प्रमुख कथाएँ प्रसिद्ध हैं – " माँ दुर्गा और महिषासुर " की कथा, और " राम और रावण" की कथा। • महिषासुर वध की कथा : बहुत समय पहले महिषासुर नाम का एक अत्याचारी राक्षस था। उसने ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया था कि कोई भी देवत...